पिछले दिनों मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि छोटे किसानों को खेती में कृषि यंत्रों का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए, ताकि कम लागत में ज्यादा उत्पादन हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसानों को सस्ते में कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए छोटे किसानों को आधुनिक मशीनें किराये पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
किसानों को आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल खेती में बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार ने कहा है कि मशीनों और तकनीक के इस्तेमाल से किसान खेती की लागत और समय दोनों बचा सकते हैं जबकि उत्पादन और क्वालिटी बेहतर हासिल की जा सकती है। इसके लिए राज्य सरकार किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों को किराए पर उपलब्ध कराएगी और हर विधानसभा में आधुनिक कृषि यंत्रों की दुकान खोली जाएगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दतिया में किसान सम्मेलन में कहा कि छोटे किसानों को खेती में कृषि यंत्रों का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए, ताकि कम लागत में ज्यादा उत्पादन हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसानों को सस्ते में कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए छोटे किसानों को आधुनिक मशीनें किराये पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
छोटे किसानों को समय पर किराये पर कृषि यंत्र मिल जाएं और उनकी खेती अच्छी हो जाए। इसके लिए विधानसभा स्तर पर कस्टम हायरिंग सेंटर यानी कृषि यंत्रों की किराये की दुकान खोली जा रही हैं। चूंकि कृषि यंत्र काफी महंगी कीमत पर बाजार में मिलते हैं, इसलिए किसान उन्हें खरीद नहीं पाते हैं।
ऐसे में सरकार ने किराये पर कृषि यंत्र देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान फसल काटने के बाद खेतों में नरवाई को न जलाएं। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति कमजोर होती है। राज्य सरकार भूसा निर्माण के लिए किसानों को हैप्पी सीडर मशीनें प्रदान कर रही है. किसान भूसा बनाकर पास की गौशालाओं में बेचें। अब किसानों को गेहूं के साथ-साथ भूसे का भी पैसा मिलेगा।