वर्ष 2026 के लिए प्रबल अनुमान यह है कि पर्यटन बहुत बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी आधारित हो जायेगा। अधिकतर पर्यटक व्यक्तिगत, स्थिर व विश्वसनीय अनुभवों, वेलनेस यात्रा और लीक से हटकर पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता देंगे। चूंकि 2026 में उत्तरी अमेरिका (अमेरिका, मेक्सिको व कनाडा) में फुटबॉल का फीफा विश्व कप आयोजित किया जायेगा, इसलिए बड़ी संख्या में खेल पर्यटकों का रुख उसी ओर होगा, जबकि वैश्विक पर्यटन मंच (जैसे भारत, स्पेन, जर्मनी आदि) पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सांस्कृतिक गहराई, इको-पर्यटन और नये लग्ज़री ऑफर पर ज्यादा फोकस करेंगे। यह सब स्मार्ट टेक्नोलॉजी और नित नई विकसित होतीं यात्रियों की मांगों को ध्यान में रखकर किया जायेगा।
इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि टेक्नोलॉजी पर्यटन को बहुत अधिक प्रभावित करेगी। एआई, वीआर, आईओटी, वाइस सर्च और संपर्क-रहित पेमेंट्स यात्राओं को व्यक्तिगत करेंगी व अनुभवों में वृद्धि करेंगी, रोबोटिक होटल स्टाफ से अति आधुनिक व्यवस्थाओं तक। इसलिए यह आश्चर्य नहीं है कि विश्व पर्यटन दिवस 2026 का थीम ‘डिजिटल एजेंडा एंड आर्टिफिशल इंटेलिजेंस टू रि-डिज़ाइन टूरिज्म’ है। इकोफ्रेंडली यात्रा और देशज पर्यटन की मांग निरंतर बढ़ती जा रही है। इसके मद्देनजर रखते हुए लगभग सभी प्रमुख पर्यटन स्थल स्थिरता व ज़िम्मेदारी पर बल दे रहे हैं। चूंकि अनुमान यह है कि पर्यटक लीक से हटकर उन जगहों की यात्रा करने को प्राथमिकता देंगे जहां कम लोग जाते हैं यानी भीड़ कम है, इसलिए अत्यधिक पर्यटकों के आने की समस्या को भी संबोधित करने का प्रयास होगा, जिसकी शुरुआत नया कर लगाकर नॉर्वे ने एक तरह से कर ही दी है। बहरहाल, साल 2026 में यह देखने को भी मिल सकता है कि पर्यटक वेलनेस रिट्रीट्स, स्लीप टूरिज्म और ‘सेट-जेटिंग’ (फिल्मों की लोकेशन को विजिट करना) के माध्यम से स्थानीय अनुभव को प्राथमिकता दें ताकि इन जगहों से गहरा संपर्क स्थापित हो सके। संभावना यह है कि प्री-वेडिंग शूट के लिए युवा उन स्थलों पर जायेंगे, जहां किसी सफल फिल्म की शूटिंग हुई हो। लोग गर्व के साथ सोशल मीडिया पर अपने फोटो ऐसे कैप्शंस के साथ पोस्ट करेंगे, “हम उस जगह हैं, जहां शाहरुख़ खान व काजोल ने डीडीएलजे के लिए यह गाना... गाया था।”
पर्यटकों में भौगोलिक बदलाव भी देखने को मिल सकता है। ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण आदि बड़ी समस्या बन गये हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि पर्यटक परम्परागत पर्यटन स्थलों जैसे उदयपुर, सिंगापुर, बैंकाक आदि जाना छोड़ देंगे बल्कि उनका फोकस कम भीड़ वाले क्षेत्रों पर अधिक होगा जैसे कनाडा का पीईआई, बोलीविया का पोटोसी क्षेत्र और अफ्रीकन सफारी, जहां अब तक कम लोग ही जाते हैं। गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय मेला एफआईटीयूआर 2026 यूरोपीय पर्यटन के लिए भारतीय क्षमता पर बल देगा और आध्यात्मिक, वेलनेस तथा सांस्कृतिक यात्रा पर फोकस करेगा। इसी प्रकार फीफा विश्व कप से उम्मीद है कि वह अमेरिका, मेक्सिको व कनाडा में पर्यटन को बहुत अधिक प्रोत्साहित करेगा।
जहां तक यह सवाल है कि विभिन्न देश अपने यहां पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए किस बात पर बल अधिक देंगे, तो सब देशों का उल्लेख करना तो संभव नहीं है, लेकिन मिसाल के तौर पर कुछ देशों का ज़िक्र किया जा सकता है। भारत आध्यात्मिक, वेलनेस और सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक आयोजनों में प्रोत्साहित करेगा और यूरोपीय बाज़ारों में अपनी पैठ बनाने का प्रयास करेगा। सांस्कृतिक व मौसमी प्रमोशन के ज़रिये जर्मनी 10 लाख भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने का प्रयास करेगा। भारत-स्पेन के ड्यूल इयर का इस्तेमाल करते हुए स्पेन भारतीय पर्यटकों को स्थिरता व विविध ऑफर से आकर्षित करने की कोशिश करेगा। ओमान ने एडवेंचर पर्यटन के नियमों को दुरुस्त किया है ताकि विकास को हेरिटेज सुरक्षा के साथ संतुलित किया जा सके। बहरहाल, किसी भी साल में विश्व की सबसे अच्छी जगहों का भ्रमण करने के लिए सूची बनाना यात्रा के सबसे सुंदर विरोधाभास को याद दिलाना होता है कि हमारा ग्रह दोनों एक साथ बहुत छोटा और अविश्वसनीय तौर पर बहुत बड़ा प्रतीत होता है। संसार में इतने आश्चर्य हैं कि उन सबको देखने के लिए एक जीवन पर्याप्त नहीं है, लेकिन व्यक्ति सभी स्थलों से खुद को जुड़ा हुआ भी महसूस करता है। इसलिए ऐसा कोई अंदाज़ा लगाना कि लोग किस साल में किस जगह अधिक जायेंगे आनंददायक होने के साथ ही कठिन व चुनौतीपूर्ण है। वैसे हांगकांग दिलचस्प नया सांस्कृतिक केंद्र बन गया है और 16वीं शताब्दी की झील नगरी उदयपुर में लग्ज़री होटलों के खुलने से नया युग आरंभ हो गया है। साथ ही नये स्थल भी स्पॉटलाइट में आ रहे हैं जैसे कनाडा का प्रिंस एडवर्ड द्वीप, जो तटीय आनंद को पुनरू परिभाषित कर रहा है। मराकश का ऐतिहासिक फैज़ भी 15-साल के रेस्टोरेशन के बाद खुल गया है।
इसके अतिरिक्त 2026 में ग्रामीण यात्रा का चलन भी गति बनाये रखेगा क्योंकि यात्री अपना लगेज कम करना चाहते हैं, कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए हवाई जहाज़ की जगह ट्रेनों को चुनना चाहते हैं और ‘ऑफ़ ग्रिड’ छुट्टी का अनुभव करना चाहते हैं। उन्हें इको-फ्रेंडली केबिन, हट्स आदि तो चाहिए, लेकिन साथ ही फोन व इंटरनेट कनेक्शन भी वहां अवश्य हो। कुल मिलाकर 2026 में पर्यटन इंटेलीजेंट, व्यक्तिगत यात्रा से संबंधित रहेगा जो स्थानीय संस्कृति व पर्यावरण का सम्मान करता हो, बाधारहित अनुभव के लिए टेक्नोलॉजी का भरपूर सहारा लिया जायेगा और नये स्थानों की सैर की जायेगी।