भारत खाद्यान्न उत्पादन के मामले में दुनिया के अग्रिम देश में से एक है। गेहूं और धान के उत्पादन में हम दुनिया में पहले या दूसरे नंबर पर हैं लेकिन क्या गेहूं और धान की इस कृषि क्रांति ने हमारी समूची कृषि व्यवस्था और किसानों को दूसरे चक्र में नहीं फंसा दिया। निश्चित रूप से गेहूं और धान की हरित क्रांति ने हमें भीषण खाद्यान्न संकट से उबारा है
और हमें इस मामले में आत्मनिर्भर बनाया है। आज हमारे खाद्यान्न भंडार अगले कई सालों की आपातकालीन स्थितियों के लिए भरे हुए हैं। गेहूं और धान की इस कृषि क्रांति से फसल एक रास्ता और पर्यावरण ने संकटों के दूसरे चक्र में भी फंसा दिया है।
Rs. 75 | Year : 2025 Read e-Magazine